Saturday, 7 May 2016

एक बड़ा टास्क दुनिया की दस सड़कों पर ड्राइविंग, ऊंची पहाड़ियों व सुरंगों में बनी


आज के दौर में ड्राइविंग व राइडिंग करना हर किसी का शौक होता है । शायद इसीलिए लंबी, शानदार खूबसूरत सड़कों पर फरार्टा भरना लोगों की एक आदत सी हो गई | लेकिन अगर आपको ऐसी जगह के बारे में पता चले जहा की सडको पर एक जगह मौत तथा दूसरी जगह खाई हो | तो उनके लिए मुश्किल हो जाएगा | यहाँ पर ड्राइविंग एक बड़ा टास्क है लंबी, घुमावदार सुरंगो में या पहाड़ियों के ऊपर से बनी ये सड़कें काफी खतरनाक हैं।

बाल्‍दविन स्ट्रीट 
न्यूजीलैंड में स्थित इस बाल्दविन स्ट्रीट को दुनिया की अद्भुत सड़कों में से एक माना जाता है | यहाँ इस सड़क की एक खास बात यह है की यहाँ हर मीटर पर सड़क एक मीटर ऊँची हो जाती है | इससे यह ३५ प्रतिशत स्लाप बना लेता है | यह सड़क गिनीज वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में शामिल हो चुकी है।

लाएरदल सुरंग
नॉर्वे में दुनिया की सबसे लंबी टनेल रोड बनी है। यहां पहाड़ों के अंदर २४.५१ किमी लंबी‘लाएरदल सुरंग’बनाई गई है। ३० फीट चौड़ी इस सड़क पर काफी संख्‍या में वाहन गुजरते हैं। इसे साल २००० में इसे यातायात के लिए खोल शुरू किया गया।

बेबर्ट रोड
तुर्की के बेबर्ट रोड  D९१५  को दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तो में से एक माना जाता है | यहाँ पर ६००० फीट की ऊँचाई पर पहाड़ी पर बनी इस रोड पर कोई रेलिंग भी नही है | इसके हेयरपिन मोड़ पर अक्‍सर हादसे होते रहते हैं। जिससे अब तक सैकड़ो लोगों की जान जा चुकी है।

मिलाऊ रोड 
फ्रांस (पश्चिमी) में मिलाऊ शहर के निकट टार्न नदी पर बना पुल दुनिया का सबसे ऊंचा पुल कहलाता है | यह पुल सिर्फ केबल के सहारे ही बना है। इसकी अधिकतम ऊंचाई ३४३ मीटर है । इसका एक खंभा १११८ फूट ऊंचा है।

अल्‍पाइन रूट 
इसी सूची में जापान का अल्‍पाइन रूट भी शामिल है। यह बरफ की पहाड़ियों के बीच से निकाला गया है। अल्पाइन रूट देखने में बहुत खूबसूरत दिखता है यह बर्फ के बीच से निकले गए रास्‍ते पर बना है जहाँ हर तरह के वाहन काफी गति से गुजरते हैं।

डेथ रोड
बोलिविया के ये खतरनाक रास्‍ता काफी घातक है। यह यहां डेथ रोड के नाम से भी  जाना जाता है। यहां हर साल करीब ३०० से अधिक लोग मरते हैं।`यह सिंगल लेन रोड कोई सुरक्षा के मानको से नहीं जुड़ी है। यह करीब १९,६८ चोटियों तक जाती है।

स्‍टेलविओ पास
इटली में बना स्‍टेलविओ पास नाम से ये रास्‍ता काफी घुमावदार है। इस रूट पर चलते समय करीब १८० डिग्री तक का झुकाव होता है। जिससे यहां पर ड्राइव करना काफी कठिन काम होता है।

आइयर हाईवे 
आस्‍ट्रेलिया का ये आइयर हाईवे में बिल्‍कुल सीधी रेखा के हिसाब से बनाई गई है। यह कई किलोमीटर तक बिल्‍कुल सीधी बनाई है। हालांकि बाकी सड़कों की तहर इसमें भी मोड़ व घुमाव दिए गए हैं। जो कई किलोमीटर की दूरी पर हैं।

रिवर वैली
रिवर वैली के बीच चीन ने बना डाला 11 KM लंबा हाईवे का निर्माण किया है। इस हाइवे में सड़क को नदी पर ब्रिज के ऊपर बनाया गया है। 10.9 किलोमीटर लंबे हाइवे का 4.4 किलोमीटर रास्ता पानी के ऊपर है। जहां पर चलने में लोगों को डर लगता है।

अटलांटिक रोड
नार्वे में स्थित अटलांटिक रोड आज नेशनल टूरिस्ट रूट्स के नाम से जाना जाता है। इसकी लंबाई साढ़े आठ किलोमीटर (५.२ मील) है। यह नार्वे के समुद्र में कई आइलैंड्स को आपस में जोड़ने से बनी है। यह भी काफी खतरनाक सड़क मानी जाती है। 

सर्राफा व्यापारी मिलेंगे पीएम मोदी से अब उत्पाद शुल्क के विरोध में


आए हुए बजट २०१६-१७ में गैर चांदी के आभूषणों पर एक प्रतिशत के उत्पाद शुल्क प्रस्‍ताव का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। विरोध करने वाले सर्राफा व्यापारियों को यह शुल्क देना स्वीकार नही है | जिससे वे लगातार हड़ताल पर चल रहे है | ऐसे में अब सर्राफा कारोबारी प्रधानमन्त्री से मिलने की तैयारी में है | जिसमे वे अपनी मांगों को रखेंगे | विरोध में यूपी संगठन व्यापारों ने बंधी भी की है |

कारोवारियों द्वारा हल्लाबोल आन्दोलन 
बजट को लेकर गैर चांदी के आभुशनो पर एक प्रतिशत की एक्साइज ड्यूटी को लेकर विरोध में है | वे लगभग ३४ दिनों से हड़ताल पर बैठे है | वे किसी भी कीमत में सरकार द्वारा लागू इस शुल्‍क को स्‍वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में उनके संगठन में दुसरे व्यापारी भी शामिल हो गए है | जिससे उसके विरोध में सराफा तथा व्यापार मंडल के व्यापारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल आंदोलन किया। कारोवारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेवाजी की है | इतना ही नहीं कई जगह व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है।

कारोबारियों को उम्‍मीद
आभूषणों पर एक प्रतिशत के उत्पाद शुल्क के प्रस्ताव के अब व्यापारी प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी से मिलने की तैयारी में है | ऐसे में पीपी ज्वैलर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व ईआयू और सेज के लिए निर्यात संवद्र्धन परिषद के वाइस चेयरमैन राहुल गुप्ता ने इसकी पहल की है। राहुल गुप्‍ता का कहना है बुधवार को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात होनी है । वहीं कारोबारियो को प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात पर कुछ बदलाव होने की उम्‍मीद है। इस समिति का नेतृत्‍व आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिरी करेंगे। 

दुनिया का पहला बाईट टाइगर (सफारी)


सफेद बाघों वाला दुनिया का पहला सफारी सतना के मुकुंदपुर में जनता के लिए खोल दिया गया। बिलौटा जाति के इस सदस्‍य यानी सफेद बाघ को विंध्‍य के इस इलाके में तकरीबन १०० साल पहले सबसे पहले खोजा गया था । यह सफारी ५० करोड़ रुपये की लागत पर २५ हेक्‍टेयर इलाके की जमीन तक फैला हुआ है । इस सफारी का लोकार्पण मध्‍य प्रदेश के मुख्‍य मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया | इस ऐतिहासिक दिन को मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह एमपी के लिए गर्व की बात है । मुकुंदपुर में यहां दुनिया का पहला वाइट टाइगर सफारी है ।मुख्‍यमंत्री चौहान ने कहा कि विंध्‍य ने दुनिया को सबसे पहला सफेद बाघ दिया है। लेकिन सफेद बाघ विराट की मौत १९७६ में होने के बाद इस इलाके की विशेषता छीन गई थी | लेकिन फिर से यह गौरव चालिस साल बाद लौट आया है | यहां प्रदेश के लोगों के लिए रोजगार के मौके भी मिलेंगे। यह सफारी एक हफ्ता तक लोगों के लिए निशुल्‍क रहेगा | इसका नाम रीवा के महाराजा मार्तंड सिंह के नाम पर होगा।

सपना सफारी के रूप में साकार  
प्रदेश के लोगो को लम्बे समय से यह सफारी का सपना था की उन्हें सफेद बाघों को फिर से देखने को मिले | आज वह सपना पूरा हुआ है | उन्‍होंने कहा कि एक सम्‍मेलन में भाग लेने दुनिया के १२ देशों से नेता आएंगे जहां के चिडि़याघरों में सफेद बाघ रहते हैं। सम्‍मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

रघु, विंध्‍य और राधा का सफारी में रहेगा जलवा
एमपी के जनसंपर्क मंत्री राजेंद्र शुक्‍ल ने कहा कि सफारी एक सफेद बाघ है जिसको जनता के लिए अधिकारिक तौर पर खोल दिया गया है | एक नर बाघ जिसका नाम रघु है और दो मादाये जिसका नाम विंध्य और राधा है | यहां दो रॉयल बंगाल टाइगर्स भी हैं। आने वाले समय में यहाँ नौ और सफेद बाघ भी होंगे | उन्‍होंने कहा कि पिछले साल सफारी में सबसे पहले भोपाल से सफेद बाघ विंध्‍य और दो भालू लाए गए थे। बाद में भिलाई स्थित मैत्री जू से दो और सफेद बाघ राधा और रघु को लाया गया था |इसके अलावा इस साल महाराष्‍ट्र के औरंगाबाद जू से दो रॉयल बंगाल टाइगर भी लाए गए।

(मोहन के वंशज) दुनिया के सभी सफेद बाघ
सरकार की योजना के अनुसार मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया की गोविंदगढ़ में सफेद बाघों के लिए ब्रीडिंग सेंटर बनाया जाएगा। मध्‍य प्रदेश के इसी विंध्‍य क्षेत्र में १९१५ में सफेद बाघ देखा गया था। बिलौटा परिवार के दुर्लभ प्रजाति के इस सफेद बाघ को पहली बार पकड़ा गया जिसकी मौत १९२० ई० में हो गई | १९५१ ई० में सफेद बाघ के एक बच्‍चे को पकड़ा गया। उसका नाम मोहन रखा गया। दुनिया के जितने भी सफेद बाघ हैं वे सभी उसी के वंशज हैं।इनकी ब्रीडिंग सेंटर की व्‍यवस्‍था महाराजा मार्तंड सिंह ने की थी।



















































































































कैसे करते है अमीर और शक्तिशाली लोग धन की हेरा-फेरी


अपनी दौलत छिपाने को लेकर लीक हुए बड़े पैमाने पर गोपनीय दस्तावेजो से पता चला है की ताकतवर और रईस धन वाले लोग किस प्रकार अपनी धन दौलत छिपाने के लिए टैक्स की चोरी किया करते है | और उन तरीको का भी इस्तेमाल करते है जिससे उन्हें कम से कम टैक्स भरना पड़े | दुनिया की एक पनामा कंपनी मोसाक फोंसेका जो सबसे ज्यादा गोपनीयता से काम करनी वाली है जिसने अभी तक एक करोड दस लाख के गोपनीय दस्तावेज लीक किये हुए है | इन दस्तावेजो से पता चलता है कि मोसाक फोंसेका ने किस तरह अपने ग्राहकों के काले धन को वैध बनाने, प्रतिबंधों से बचने और कर चोरी में मदद की। कंपनी वाले कहते है की वो लोग तकरीबन चालिस बर्षो से बिना किसी आरोप के काम कर रही है | और उस पर कुछ करने का आरोप कभी नही लगा | दस्तावेजो से पता चलता है कि ७२ वर्तमान या पूर्व राष्ट्राध्यक्षो के तार इस कंपनी से जुड़े है | इनमे कई पिछले तानाशाह ऐसे भी है जिन पर पर अपने ही देश को लुटने का ही आरोप है | जर्मन अख़बार ज़ूटडॉयच ट्सायटूंग ने इन दस्तावेज़ों को देखा है और उन्हें इंटरनेशनल कॉन्सोर्टियम ऑफ इन्वेस्टीगेटिव जर्नलिस्ट (आईसीआईजे) के साथ साझा किया।बीबीसी पैनोरामा और द गार्डियन ७८ उन देशों के १०७ मीडिया संस्थानों में से  शामिल है | जिन्होंने इन दस्तावेज़ों का अध्ययन किया है । जिसने ये दस्तावेज़ उपलब्ध कराए हैं। बीबीसी को उस सूत्र की पहचान नहीं पता है | इन दस्तावेज़ों में मोसाक फोंसेका कंपनी की हर दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों का ब्यौरा दर्ज है । आईसीआईजे के निदेशक गेरार्ड राइल का कहना है|गेरार्ड राइल का कहना है की उनके दस्तावेज इतने ज्यादा है उनकी संख्या इतनी है की यह दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित होगा | इन दस्तावेज़ों में मिस्र के पूर्व तानाशाह होस्नी मुबारक, लीबिया के पूर्व शासक मुअम्मर गद्दाफ़ी और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के परिवार और उनके सहयोगियों से जुड़ी कंपनियों की गोपनीय जानकारी भी शामिल है।दस्तावेजो से अरबो डॉलर की हेराफेरी करने वाले एक संदिग्ध गिरोह जिसका सम्बन्ध एक रुसी बैंक से है जिसका पता चला है | जिसमें राष्ट्रपति पुतिन के करीबी सहयोगी भी जुड़े हुए हैं। जिसका सम्बन्ध रसिया बैंक से है जिस पर क्रामिया प्रकरण के बाद अमरीका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंध लगे हैं। इन दस्तावेजो से पता चला है की यह बैंक किस तरह काम करता है विदेश में स्थित कंपनियों के ज़रिए पैसा लगाया जाता है जिनमें से दो कंपनियां आधिकारिक तौर पर उन लोगों की हैं जो रूसी राष्ट्रपति के सबसे करीबी दोस्तों में से एक है | उनका नाम सर्गेई रोल्डूगिन है और राष्ट्रपति की बेटी मारिया के गॉडफादर भी हैं । जो किशोरावस्था से ही पुतिन के मित्र थे |दस्तावेज़ों में आइसलैंड के प्रधानमंत्री सिगमंडर गुनलॉन्गसॉन का नाम भी आया है जिन पर एक गुप्त विदेशी कंपनी में करोड़ों डॉलर निवेश करने का आरोप है।

Monday, 21 March 2016

आरक्षण व्यवस्था में नही होगा कोई बदलाव :जेटली


वित्त मंत्री ने कहा ,आरएसएस ने नही की है इसमे बदलाव की बात


नई दिल्ली-सरकार ने संसद में कहा है कि देश की आरक्षण व्यवस्था में बदलाव का उसका कोई इरादा नही है | सोमबार को राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली ने आरक्षण को खत्म करने की साजिश के विपक्ष के अंदेशे को ख़ारिज कर दिया | हालाँकि बसपा और सपा ने कहा कि संघ ने संपन्न लोगो को आरक्षण से दूर रखने की जो बात कही है वह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है | सोमबार को विपक्ष के आरोप के जवाब में जेटली ने कहा कि आरएसएस ने वर्तमान आरक्षण नीति को बदलने या खत्म करने की बात नही कही है | गौरतलब है कि नागौर में रविवार को आरएसएस की प्रतिनिधि सभा के सम्मेलन में संपन्न लोगो को नौकरी और शिक्षा में आरक्षण नही देने की वकालत की गयी थी | इस पर बसपा प्रमुख मायावती ने इस बयान को पिछड़ी जातियों और एससी-एसटी के लिए बनी आरक्षण नीति को धीरे धीरे खत्म करने की योजना का हिस्सा बताया | उन्होंने कहा कि पिछडे वर्ग के लिए संबिधान में आरक्षण की नीति को आर्थिक आधार पर ले जाना चाहता है | सपा नेता राम गोपाल यादव ने भी आरएसएस और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए स्थिति साफ करने को कहा | जबाव में जेटली ने कहा कि आरएसएस ने नीति के बदलाव की मंशा से कुछ भी नही कहा है | दरअसल रविवार को राजस्थान के नागौर में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के एक सत्र में संघ के सर कार्यवाह भैय्याजी जोशी ने कहा था कि संपन्न वर्ग के लोगो को सोच-समझ कर आरक्षण की मांग करनी चाहिये | इस पर विपक्ष सोमवार को सरकार के खिलाफ हमलावर हो उठा | उसने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है | सोमवार को बसपा , सपा और जेडीयू सदन का कार्यवाही शुरू होते ही सभी काम रोक कर इस मुद्दे पर बहस की पेशकश की |    

पहली बार महिलाएं उड़ाएगी लड़ाकू विमान


 देश में महिला फाइटर पायलटो का पहला बैच जून में वायुसेना में होगा शामिल

नई दिल्ली-तीन कैडेट वाला महिला लड़ाकू पायलटो का पहला बैच १८ जून को भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा | एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने मंगलवार को कहा की तीन महिला प्रशिक्षु अधिकारियो ने लड़ाकू भूमिका में शामिल किये जाने की इच्छा व्यक्त की है | राहा ने कहा की हमने १९९१ में महिलाओ को पायलटो के रूप में शामिल किया था , यह केवल हेलीकाप्टर व परिवहन (विमानो) के लिए किया गया था | मै महिलाओं को फाइटर पायलटो के रूप में शामिल करने के वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए रक्षा मंत्रालय का धन्यवाद करना चाहूँगा | उन्होंने कहा कि फ़िलहाल तीन महिला प्रशिक्षुओं ने फाइटर पायलट बनने की इच्छा व्यक्त की है | वे प्रशिक्षण के दूसरे चरण में है | प्रशिक्षण पूरा हो जाने के बाद वे पुरुष सहकर्मियों के बराबर होगी और १८ जून को पासिंग आउट परेड होगी | राहा ,वूमेन इन आर्म्ड मेडिकल कापर्स, पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे | रक्षा मंत्रालय ने महिलाओं को फाइटर पायलट के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव को पिछले साल ओक्टुबर में हरी झंडी दे दी थी |       

परिकर ने की राहा की तारीफ

रक्षा मंत्री परिकर ने भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलटो के रूप में महिलाओं को शामिल करने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर जोर देने के लिए एयर चीफ मार्शल राहा की तारीफ की | परिकर ने कहा कि भले ही मैने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे मंजूरी दी ,लेकिन वह राहा थे ,जिन्होंने रक्षा मंत्रालय के स्तर पर फाइल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार जोर दिया | 

फर्जीवाड़ा कर ८ दिन में बांटे ९५४ करोड़ के ठेके


सीबीआई की विशेष अदालत में पेश चार्जशीट में यादव सिंह पर आरोप ,निलंबित चीफ इन्जीनियर की पत्नी समेत कुल १४ आरोपी


गाजियाबाद- काली कमाई के कुबेर के नाम से कुख्यात नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेस-वे के निलंबित चीफ इंजिनियर यादव सिंह और घोटाले में उसके सहयोगियों के खिलाफ सीबीआई ने मंगलवार  को पहली चार्जशीट दायर कर दी | सीबीआई के डिप्टी एसपी राजेश कुमार ने यादव सिंह ,रामेंद्र  सिंह, कुसुमलता समेत कुल १४ लोगों के खिलाफ चार्जशीट गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत में दायर की | यादव सिंह ने फर्जीवाड़ा करके मात्र आठ दिन में ९५४ करोड़ के ठेके दे डाले | इनमे चर्चित अंडरग्राउंड केबल वर्क का ठेका भी शामिल है | विशेष न्यायाधीश जी. श्रीदेवी अब बुधवार को इस चार्जशीट पर संज्ञान ले सकती है | सीबीआई टीम शाम करीब साढ़े तीन बजे चार्जशीट लेकर गाजियाबाद विशेष कोर्ट पहुंची | सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने चार्जशीट कोर्ट में दायर की | चार्जशीट में सीबीआई ने दिखाया है की यादव सिंह ने अपने पदों पर रहते हुए जमकर घोटाले किये | सीबीआई की माने तो नोएडा अथॉरिटी में ही तैनात असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजिनीयर रामेन्द्र सिंह ,यादव सिंह का सबसे खास था | रामेन्द्र सिंह सीधे तौर पर सिर्फ यादव सिंह को ही रिपोर्ट करता था | सूत्र बताते है कि सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में यह भी बताया है कि धन का लेनदेन यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता के माध्यम से ही किया जाता था |  इसलिए सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कुसुमलता के साथ ही कई ठेकेदारों को भी आरोपी बनाया है |